दोस्तों इंटरनेट की दुनिया में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने अपने सालाना डेवलपर कॉन्फ्रेंस Google I/O 2026 में एक ऐसी तकनीक से पर्दा उठाया है, जो पिछले 25 सालों से चले आ रहे इंटरनेट सर्च के तरीके को पूरी तरह बदल देगी। गूगल के इस नए फीचर को "इनफॉर्मेशन एजेंट्स" नाम दिया है।
क्या है यह नई तकनीकी?
गूगल का यह नया AI फीचर एक डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम करता है, जो यूजर्स की तरफ से बिना रुके, 24 घंटे और सातों दिन इंटरनेट पर नजर रखता है। यानी अब आपको बार-बार गूगल खोलकर किसी खबर, प्रोडक्ट्स की कीमत या किसी विषय पर अपडेट ढूंढने की जरूरत नहीं होगी।
एक बार जब आप किसी विषय पर एजेंट को सेट कर देते हैं, तो वह खुद-ब-खुद उस टॉपिक से जुड़ी हर नई जानकारी को ट्रैक करता रहता है। जैसे ही कोई अहम बदलाव होता है, चाहे किसी भी प्रोडक्ट के कीमत में कोई भी बदलाव हो, कोई ताजा खबर हो या स्टॉक मार्केट में हलचल, आपको तुरंत पुश नोटिफिकेशन के जरिए अलर्ट मिल जाएगा।
25 साल में पहली बार इतना बड़ा बदलाव
गूगल I/O 2026 कॉन्फ्रेंस में हुई इस घोषणा को गूगल की वाइस प्रेसिडेंट और सर्च की प्रमुख लिज रीड ने "पिछले 25 सालों में सर्च बॉक्स का सबसे बड़ा अपग्रेड" बताया।
दरअसल, जब से इंटरनेट आया है, गूगल पर सर्च करने का तरीका लगभग एक जैसा रहा, एक खाली बॉक्स, उसमें कुछ शब्द टाइप करो और नतीजों की एक लंबी लिस्ट सामने आ जाती है। लेकिन अब गूगल इस पुराने तरीके को बदल रहा है।
नए ' 'इंटेलीजेंट सर्च बॉक्स' में अब आप सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि तस्वीरें, फाइलें, वीडियो और यह तक कि खुले हुए Chrome टैब भी शेयर कर सकते हैं। इस पूरे सिस्टम को गूगल के सबसे एडवांस्ड AI मॉडल Gemini 3.5 Flash की मदद से तैयार किया गया है।
गूगल अलर्ट्स का एडवांस्ड वर्जन समझें
इनफॉर्मेशन एजेंट्स को आप गूगल अलर्ट्स (2003 में लॉन्च) का बेहद उन्नत और स्मार्ट रूप मान सकते हैं। जहां पुराने गूगल अलर्ट्स सिर्फ कुछ खास कीवर्ड्स से मिलते-जुलते नतीजे ईमेल पर भेजते थे, वहीं नए इनफॉर्मेशन एजेंट्स बहुत गहराई से विश्लेषण करते हैं।
ये एजेंट्स न्यूज़ वेबसाइट्स, ब्लॉग, सोशल मीडिया पोस्ट, शेयर मार्केट डेटा और शॉपिंग साइट्स सभी जगह एक साथ नजर रखते हैं। फिर सिर्फ वही जानकारी आप तक पहुंचाते हैं, जो साथ में आपके काम की हो।
इनफॉर्मेशन एजेंट्स कैसे काम करते हैं?
इनफॉर्मेशन एजेंट्स का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। उदाहरण के तौर पर
• शॉपिंग करने वाले किसी खास प्रोडक्ट पर एजेंट लगा सकते हैं। जैसे ही उस प्रोडक्ट पर सेल आएगी या कीमत घटेगी, आपको तुरंत सूचना मिलेगी।
• निवेशक किसी कंपनी के शेयर या क्रिप्टो करेंसी पर नजर रखवा सकते हैं।
• पत्रकार या रिसर्चर किसी विषय पर आने वाली सभी ताजा खबरें ट्रैक कर सकते हैं।
• खेल प्रेमी अपनी पसंदीदा टीम या खिलाड़ी के अपडेट सेट कर सकते हैं।
AI मोड को मिली और ज्यादा ताकत
गूगल के मुताबिक, इनफॉर्मेशन एजेंट्स उनके AI Mode फीचर का हिस्सा हैं। AI Mode पिछले साल लॉन्च हुआ था और महज एक साल में ही इसके एक अरब से ज्यादा मासिक यूजर्स हो गए हैं। इसमें हर तिमाही में सर्च क्वेरीज की संख्या दोगुनी हो रही है।
इसके अलावा, गूगल के AI Overviews फीचर (जो सर्च रिजल्ट में ऊपर AI जनित सारांश दिखाता है) के अब तक दुनिया भर में 2.5 अरब मासिक यूजर हैं।
कब और किसे मिलेगा यह फीचर?
फिलहाल, इनफॉर्मेशन एजेंट्स अमेरिका में गूगल AI Pro और Ultra प्लान के सब्सक्रिप्शन के लिए इस गर्मी में लॉन्च किए जाएंगे भारत सहित अन्य देशों में इसके आने की तारीख की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन गूगल जल्द ही इसे वैश्विक स्तर पर रोल आउट करने की तैयारी में है।
वेबसाइट मालिकों के लिए चिंता की बात
इस तकनीक बदलाव ने डिजिटल पब्लिशर्स और वेबसाइट मालिकों की चिंता भी बढ़ा दी है। जानकारों का मनाना है कि जब गूगल खुद ही सारी जानकारी संक्षेप में दे देगा, तो यूजर्स किसी वेबसाइट पर क्लिक करने की जरूरत कम महसूस करेंगे। पिछले कुछ सालों के शोध में ही यह सामने आ चुका है कि AI जनित सारांश आने के बाद वेबसाइट पर ट्रैफिक में उल्लेखनीय कमी देखी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम दरअसल गूगल की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह OpenAI के ChatGPT और अन्य AI टूल्स से मुकाबले के लिए खुद को एक ऑल-इन-वन AI प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करना चाहता है। ChatGPT के फरवरी 2026 तक 90 करोड़ साप्ताहिक सक्रिय यूजर होने की रिपोर्ट के बाद गूगल ने यह बड़ा दांव खेला है।


